अक्षय तृतीया क्या है और क्यों मनाई जाती है?

Akshay Tritiya Kya Hai, Akshay tritiya meaning: अक्षय तृतीया हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध पावन पर्व है। यह बैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। पूरे देश में यह त्यौहार धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं उनका फल अक्षय अक्षय होता है। इसलिए यह पवित्र दिन अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। Akshay Tritiya Details Hindi.

अक्षय तृतीया का दिन बहुत ही शुभ और मंगलकारी होता है। ऐसी मान्यता है की इस दिन बिना पंचांग देखे ही किसी भी कार्य  की शुरुआत की जा सकती है। इस दिन दान-धर्म करने की भी अपनी विशेषता है।

AKSHAY TRITIYA 2021:

2021 में अक्षय तृतीया का पावन पर्व 14 मई , 2021 को मनाया जायेगा।

अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है? (Why is Akshaya Tritiya celebrated?):

पुराणों के अनुसार अक्षय तृतीया का विशेष महत्त्व बताया गया है। अक्षय तृतीया के दिन को निम्न निम्न रूपों में मनाया जाता है:

  • भगवान् विष्णु ने परशुराम अवतार और नर और नारायण अवतार भी इसी तिथि को धारण किया था।
  • यह तिथि परशुराम जयंती के रूप में भी हिन्दू धर्म में मनाया जाता है।
  • हिन्दू धर्म में सतयुग और त्रेता युग का आरम्भ भी इसी दिन से माना जाता है।
  • भगवान् विष्णु के पावन धाम बद्रीनाथ, उत्तराखंड के कपाट भी इसी दिन पुनः खोले जाते हैं।
  • इस दिन भगवान् बद्रीनाथ जी की पूजा की जाती है। और श्री लक्ष्मीनारायण जी के दर्शन किये जाते हैं।
  • वृन्दावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालु केवल इसी दिन श्री विग्रह के दर्शन कर सकते हैं। अन्यथा पूरे वर्ष वह ढके रहते हैं।
  • ऐसी मान्यता है की महाभारत के युद्ध की समाप्ति भी इसी दिन हुई थी।
  • यह भी मान्यता है की इसी दिन माँ गंगा का अवतरण स्वर्ग से पृथ्वी पर हुआ था।

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अक्षय तृतीया कैसे मनाई जाती है? ( How is Akshaya Tritiya celebrated?):

अक्षय तृतीया के दिन श्रद्धालु प्रातःकाल गंगाजल से स्नान करते हैं। फिर भगवान् विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ती स्थापना कर उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं। इस दिन माँ तुलसी की भी डीप जलाकर पूजा की जाती है। भगवान् विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करने के बाद भक्त दान-धर्म करने का संकल्प करते हैं।  कुछ लोग अक्षय तृतीया के दिन उपवास रखकर माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं तथा उन्हें खीर का भोग लगाते हैं। इससे माँ लक्ष्मी की कृपा घर पर बरसती है।

Akshay Tritiya का महत्त्व (Importance of Akshaya Tritiya):

  • अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य करना अत्यंत ही शुभकारी है।
  • इस दिन आपके द्वारा किये गए कार्यों को अक्षय समझा जाता है।
  • इस दिन सोने-चांदी की खरीददारी को भी शुभ माना जाता है।
  • अक्षय तृतीया के दिन दान करने से आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
  • इस दिन के दिन भगवन विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • अक्षय तृतीया के दिन नए वस्त्र आभूषण खरीदने को भी बहुत शुभ माना जाता है।
  • इस दिन भूखों को भोजन कराने तथा भंडारे का आयोजन करने से व्यक्ति के घर में सुख-शांति का आगमन होता है
  • अक्षय तृतीया के दिन माँ गंगा की अमृतमय जलधारा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है।
  • इस दिन किये गए जप, तप, हवन का फल भी कई गुना बढ़ जाता है।
  • यह मान्यता है कि यदि इस दिन आप सच्चे मन से ईश्वर से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हैं तो ईश्वर आपको क्षमा कर आप पर अपनी कृपा दृष्टि करते हैं।
  • इस दिन आप अपनी बुराइयों को छोड़कर ईश्वर से प्रार्थना कर अपने जीवन में अच्छाई का वरदान भी मांगते हैं।

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